
*इंदौर की अप्रिय घटना को दृष्टिगत रखते हुए खंडवा में जलप्रदाय व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई*
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के निर्देशन में आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत द्वारा त्वरित निर्देश
खण्डवा//इंदौर में हाल ही में घटित अप्रिय घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए खंडवा नगर पालिक निगम द्वारा शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के निर्देशन में आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने जलप्रदाय व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
आयुक्त के निर्देशानुसार शहर के सभी 50 वार्डों में जमीनी स्तर पर निरीक्षण एवं वास्तविक स्थिति का आकलन करने हेतु 25 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। प्रत्येक अधिकारी के साथ चार कर्मचारियों की टीम गठित की गई है, ताकि समन्वित रूप से कार्य करते हुए हर वार्ड में जलप्रदाय से जुड़ी सूक्ष्म से सूक्ष्म जानकारी एकत्र की जा सके।
गठित टीमों को शहर में मौजूद जल रिसाव (लीकेज), उन स्थानों की पहचान जहां पाइपलाइन नालियों के माध्यम से गुजर रही हैं, तथा नागरिकों द्वारा चिन्हित उन पानी की टंकियों की जानकारी एकत्र करने का दायित्व सौंपा गया है जिनकी नियमित सफाई नहीं हो पाई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर जल की गुणवत्ता या आपूर्ति को लेकर कोई जोखिम शेष न रहे।
जलप्रदाय विभाग की प्रभारी कार्यपालन यंत्री ने जानकारी दी कि आज ही चार स्थानों पर जल रिसाव की मरम्मत की जा चुकी है। यह प्रक्रिया सतत रूप से जारी रहेगी और आने वाले एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि भविष्य में इंदौर जैसी किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पूर्णतः रोका जा सके।
आयुक्त द्वारा गठित टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर सभी लीकेज एवं तकनीकी समस्याओं की विस्तृत जानकारी निगम को उपलब्ध कराई जाए तथा एक सप्ताह के भीतर सभी चिन्हित लीकेज की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कई ऐसी व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं, जिन्हें निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है, जिससे शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को और अधिक बेहतर व मजबूत बनाया जा सके। उल्लेखनीय है कि अधिकांश क्षेत्रों से यह सकारात्मक फीडबैक प्राप्त हुआ कि वर्तमान में जल आपूर्ति सुचारु रूप से हो रही है तथा नागरिकों को पेयजल पीने योग्य और संतोषजनक गुणवत्ता का प्राप्त हो रहा है।







